इमेज कंप्रेसर कैसे काम करता है
इमेज कंप्रेसर मुख्य रूप से लॉसी री-एनकोडिंग तकनीक का उपयोग करता है। जब आप किसी फोटो को इस टूल में प्रोसेस करते हैं, तो यह इमेज के उन डेटा पॉइंट्स को हटा देता है जिन्हें इंसानी आंखें आसानी से पहचान नहीं पातीं। इसका मुख्य उद्देश्य फाइल के वजन को कम करना है ताकि इसे इंटरनेट पर तेजी से अपलोड या शेयर किया जा सके। विशेष रूप से फोटोग्राफ्स में यह तकनीक बहुत कारगर होती है क्योंकि उनमें रंगों का मिश्रण काफी जटिल होता है जिसे थोड़ा सा कम करने पर भी फोटो की दृश्य गुणवत्ता पर खास असर नहीं पड़ता। इमेज कंप्रेसर आपको क्वालिटी को 1 से 100 के बीच चुनने की सुविधा देता है, जहाँ 80 को मानक और सबसे संतुलित सेटिंग माना जाता है।