इमेज रीसाइज़िंग कैसे काम करती है: पिक्सेल और डाइमेंशन का गणित
डिजिटल फोटो छोटे-छोटे बिंदुओं से मिलकर बनती है, जिन्हें पिक्सेल कहा जाता है। किसी इमेज का डाइमेंशन उसकी चौड़ाई और ऊंचाई में मौजूद कुल पिक्सेल की संख्या बताता है। उदाहरण के लिए, 1,920 x 1,080 px की इमेज में चौड़ाई में 1,920 पिक्सेल और ऊंचाई में 1,080 पिक्सेल होते हैं। जब आप किसी इमेज का आकार बदलते हैं, तो इस गणितीय प्रक्रिया को रीसैम्पलिंग कहा जाता है।
इमेज का आकार छोटा करते समय (जिसे डाउनस्केलिंग कहते हैं), ब्राउज़र मूल पिक्सेल के समूहों का गणितीय औसत निकालकर नए पिक्सेल बनाता है। इस प्रक्रिया में अनावश्यक पिक्सेल हट जाते हैं और फोटो का फ़ाइल आकार भी घट जाता है। स्टेप-डाउन तकनीक के जरिए इमेज को धीरे-धीरे छोटा किया जाता है, जिससे फोटो के किनारे धुंधले नहीं होते और शार्पनेस बनी रहती है।
दूसरी ओर, किसी छोटी फोटो को जबरदस्ती बड़ा करने पर गुणवत्ता खराब हो जाती है। साधारण रीसाइज़िंग टूल फोटो में नई बारीक जानकारियां या विवरण स्वयं नहीं जोड़ सकते। इसलिए किसी इमेज का आकार छोटा करना हमेशा सुरक्षित और सटीक परिणाम देता है, जबकि आकार बड़ा करने के लिए विशेष तकनीकों की आवश्यकता होती है।