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ऑडियो फ़ाइल साइज़ कैलकुलेटर

सैंपल रेट, बिट डेप्थ और चैनल चुनकर अनकंप्रेस्ड WAV और AIFF फ़ाइलों का सटीक साइज़, बिटरेट और प्रति मिनट स्टोरेज निकालें।

Mehmet Demiray (मेहमत देमिराय) प्रकाशित अपडेट किया गया
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रिकॉर्डिंग की अवधि

अनकंप्रेस्ड ऑडियो की गणना सरल है: सैंपल रेट × बिट डेप्थ × चैनल से प्रति सेकंड बिट्स मिलते हैं, और कुल अवधि बाकी का हिसाब तय करती है।

आकार दशमलव इकाइयों (1 MB = 1,000,000 बाइट्स) में हैं, जैसा कि डिस्क निर्माता उपयोग करते हैं; बाइनरी इकाइयों के कारण आपका ऑपरेटिंग सिस्टम थोड़ा कम मान दिखा सकता है।

संदर्भ के लिए: FLAC बिना किसी गुणवत्ता हानि के इस आकार को 40-60% तक घटा देता है, और 320 kbps MP3 का आकार मूल सेटिंग्स के बावजूद लगभग 2.4 MB प्रति मिनट होता है।

ऑडियो फ़ाइल का आकार किन चीज़ों पर निर्भर करता है

डिजिटल ऑडियो रिकॉर्डिंग में बिना कंप्रेस की गई फ़ाइल (जैसे WAV या AIFF) का आकार पूरी तरह से गणितीय गणना पर आधारित होता है। यह आकार मुख्य रूप से तीन तकनीकी कारकों और रिकॉर्डिंग की अवधि से तय होता है: सैंपल रेट, बिट डेप्थ और ऑडियो चैनलों की संख्या।

सैंपल रेट यह दर्शाता है कि एक सेकंड में ध्वनि के कितने नमूने (snapshots) लिए गए हैं। उदाहरण के लिए, 44.1 kHz का अर्थ है प्रति सेकंड 44,100 नमूने। बिट डेप्थ यह तय करती है कि प्रत्येक नमूने की सटीकता कितनी है। 16-बिट में ध्वनि स्तरों के 65,536 संभावित मान होते हैं, जबकि 24-बिट में यह संख्या बढ़कर 1,67,77,216 हो जाती है। चैनल संख्या इस बात को तय करती है कि रिकॉर्डिंग मोनो (1 चैनल), स्टीरियो (2 चैनल), या सरराउंड (जैसे 5.1 में 6 चैनल) है।

अनकंप्रेस्ड ऑडियो के कुल आकार की गणना इस सूत्र से होती है:

bytes=sample rate×bit depth8×channels×seconds\text{bytes} = \text{sample rate} \times \frac{\text{bit depth}}{8} \times \text{channels} \times \text{seconds}

कच्चा बिटरेट निकालने के लिए यह सूत्र उपयोग किया जाता है:

kbps=rate×depth×channels1000\text{kbps} = \frac{\text{rate} \times \text{depth} \times \text{channels}}{1000}

ऑडियो फ़ाइल साइज़ कैलकुलेटर इन सभी घटकों को जोड़कर सेकंडों में सटीक फ़ाइल आकार और प्रति मिनट डेटा की दर की गणना करता है।

मानक ऑडियो सेटिंग्स और उनका स्टोरेज साइज़

संगीत और ऑडियो उद्योग में कुछ मानक प्रारूप वर्षों से इस्तेमाल हो रहे हैं। इन सेटिंग्स के अनुसार स्टोरेज की खपत को समझना प्रोजेक्ट की योजना बनाते समय सहायक होता है।

प्रारूप सैंपल रेट / बिट डेप्थ चैनल बिटरेट (kbps) प्रति मिनट साइज़
CD गुणवत्ता 44.1 kHz / 16-bit स्टीरियो (2) 1411.2 ~10.6 MB
स्टूडियो मानक 48 kHz / 24-bit स्टीरियो (2) 2304.0 ~17.3 MB
हाई-रेज़ोल्यूशन 96 kHz / 24-bit स्टीरियो (2) 4608.0 ~34.6 MB
पॉडकास्ट मोनो 48 kHz / 24-bit मोनो (1) 1152.0 ~8.6 MB
5.1 सरराउंड मास्टर 48 kHz / 24-bit 6 चैनल 6912.0 ~51.8 MB

उदाहरण के लिए, CD गुणवत्ता पर 3 मिनट 30 सेकंड का एक स्टीरियो गाना लगभग 37 MB का WAV फ़ाइल बनाता है। वही गाना जब 48 kHz और 24-बिट पर रिकॉर्ड किया जाता है, तो उसका आकार बढ़कर लगभग 60.5 MB हो जाता है। यदि आप 60 मिनट का पॉडकास्ट इंटरव्यू 48 kHz और 24-बिट मोनो में रिकॉर्ड करते हैं, तो कच्ची फ़ाइल का साइज़ लगभग 518 MB होगा।

मल्टी-ट्रैक रिकॉर्डिंग सत्र के लिए स्टोरेज की योजना

होम स्टूडियो या पेशेवर स्टूडियो में रिकॉर्डिंग करते समय हार्ड ड्राइव की क्षमता का अनुमान लगाना आवश्यक होता है। अक्सर शुरुआती रिकॉर्डिस्ट केवल अंतिम दो-चैनल स्टीरियो मास्टर के आकार के बारे में सोचते हैं, लेकिन मल्टी-ट्रैक रिकॉर्डिंग सत्र का आकार बहुत तेजी से बढ़ता है।

यदि आप एक ड्रम किट, बास, गिटार, कीबोर्ड और वोकल्स को मिलाकर 24 अलग-अलग ट्रैक्स पर रिकॉर्ड कर रहे हैं, तो प्रति मिनट का डेटा उपभोग सामान्य स्टीरियो ट्रैक से 12 गुना अधिक होगा।

  1. ट्रैक गणना: प्रोजेक्ट में सक्रिय ट्रैक्स की कुल संख्या गिनें।
  2. रीटेक और सुरक्षा ट्रैक्स: औसतन हर ट्रैक पर 3 से 5 टेक्स रिकॉर्ड किए जाते हैं।
  3. सत्र अवधि: कुल रिहर्सल और रिकॉर्डिंग समय का गुणा करें।

उदाहरण के लिए, 24 ट्रैक्स पर 48 kHz और 24-बिट की सेटिंग में 1 घंटे की रिकॉर्डिंग लगभग 12.4 GB का कच्चा डेटा उत्पन्न करती है। जब आप कई टेक्स और ओवरडब जोड़ते हैं, तो एक ही गाने का प्रोजेक्ट फ़ोल्डर 50 GB से 100 GB तक पहुँच सकता है। इसलिए सत्र शुरू करने से पहले ऑडियो फ़ाइल साइज़ कैलकुलेटर से अनुमान लगाना हार्ड ड्राइव की कमी से बचाता है।

हाई-रेज़ोल्यूशन ऑडियो कब उपयोगी है और कब नहीं

उच्च सैंपल रेट जैसे 96 kHz या 192 kHz और 32-बिट फ्लोट प्रारूप बहुत अधिक स्टोरेज लेते हैं। इनका चयन प्रोजेक्ट की वास्तविक ज़रूरतों के आधार पर होना चाहिए।

रिकॉर्डिंग और मिक्सिंग चरण में 24-बिट या 32-बिट फ्लोट का उपयोग अत्यधिक लाभकारी है। 24-बिट ऑडियो 144 dB का डायनामिक रेंज प्रदान करता है, जिससे रिकॉर्डिंग का नॉयज़ फ़्लोर बहुत नीचे चला जाता है। 32-बिट फ्लोट फ़ील्ड रिकॉर्डिंग में ऑडियो क्लिपिंग से बचाता है क्योंकि इसमें डिजिटल स्तर पर विकृति के बिना अत्यधिक तेज़ आवाज़ों को भी पुनर्प्राप्त किया जा सकता है।

ध्वनि स्तर को संतुलित करने और अंतिम वितरण के लिए LUFS मीटर जैसे टूल्स से लाउडनेस मापी जाती है, जहाँ सामान्यतः 44.1 kHz या 48 kHz का मानक ही अंतिम मास्टरिंग के लिए उपयोग किया जाता है। पॉडकास्ट, वॉयस-ओवर और सामान्य स्ट्रीमिंग रिलीज़ के लिए 96 kHz की आवश्यकता नहीं होती, क्योंकि मानवीय कान 20 kHz से ऊपर की ध्वनियाँ नहीं सुन सकते और इससे केवल स्टोरेज और इंटरनेट बैंडविड्थ की बर्बादी होती है।

ऑडियो डेटा साइज़ से जुड़ी सामान्य ग़लतियाँ

ऑडियो फ़ाइलों के आकार और बिटरेट की गणना में कुछ आम तकनीकी भ्रांतियाँ देखने को मिलती हैं:

पहला भ्रम kbps और kBps के बीच का अंतर है। kbps का अर्थ किलोबिट प्रति सेकंड है, जो ट्रांसमिशन गति को दर्शाता है। kBps या MB फ़ाइल साइज़ के लिए बाइट्स का उपयोग करते हैं। 1 बाइट में 8 बिट्स होते हैं।

दूसरा भ्रम कंप्रेस्ड प्रारूपों जैसे MP3 और uncompressed प्रारूपों जैसे WAV की तुलना में होता है। 320 kbps की MP3 फ़ाइल का आकार हमेशा लगभग 2.4 MB प्रति मिनट रहता है, चाहे मूल स्रोत 44.1 kHz का हो या 96 kHz का। कंप्रेस्ड फ़ाइलें डेटा को हटाकर आकार छोटा करती हैं, जबकि WAV फ़ाइल पूरी तरंग को वैसे ही सहेजती है। FLAC प्रारूप लॉसलेस कंप्रेसन देकर सामान्यतः 40% से 60% तक फ़ाइल साइज़ कम करता है बिना किसी ध्वनि गुणवत्ता के नुकसान के।

तीसरा कारण ऑपरेटिंग सिस्टम द्वारा दिखाई जाने वाली बाइनरी और डेसिमल गणना का अंतर है। ऑडियो फ़ाइल साइज़ कैलकुलेटर मानक डेसिमल यूनिट (1 MB = 1,000,000 बाइट्स) का उपयोग करता है, जबकि विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम बाइनरी यूनिट (1 MiB = 1,048,576 बाइट्स) में आकार दिखाता है, जिससे फ़ाइल सिस्टम में आकार थोड़ा कम दिखाई देता है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न।

WAV फ़ाइल का साइज़ उसी गाने की MP3 फ़ाइल से इतना बड़ा क्यों होता है?

WAV एक अनकंप्रेस्ड ऑडियो फॉर्मेट है, जिसमें ध्वनि का हर सैंपल पूरी सटीकता के साथ बिना किसी डेटा कटौती के स्टोर होता है। इसके विपरीत, MP3 एक कंप्रेस्ड लॉस फॉर्मेट है, जो इंसानी कान द्वारा न सुनी जा सकने वाली सूक्ष्म ध्वनियों को हटाकर साइज़ घटाता है। उदाहरण के लिए, 44.1 kHz और 16-बिट की एक मिनट की स्टीरियो WAV फ़ाइल का साइज़ लगभग 10.6 MB होता है, जबकि 320 kbps पर वही MP3 फ़ाइल केवल लगभग 2.4 MB जगह लेती है।

कंप्यूटर पर फ़ाइल साइज़ इस कैलकुलेटर के बताए साइज़ से थोड़ा कम क्यों दिखता है?

यह अंतर डेसिमल और बाइनरी माप प्रणालियों की गणना के कारण होता है। ऑडियो फ़ाइल साइज़ कैलकुलेटर स्टोरेज निर्माताओं के मानक के अनुसार 1 MB को 10,00,000 बाइट्स मानकर गणना करता है। विंडोज़ जैसे ऑपरेटिंग सिस्टम बाइनरी यूनिट्स का उपयोग करते हैं, जहां 1 MiB में 10,48,576 बाइट्स होते हैं। इस तकनीकी अंतर की वजह से डिस्क पर फ़ाइल का आकार लगभग 7 प्रतिशत कम संख्या में दिखाई देता है।

मल्टी-ट्रैक रिकॉर्डिंग सेशन के लिए कुल स्टोरेज का हिसाब कैसे लगाएं?

पूरे प्रोजेक्ट के स्टोरेज की गणना करते समय कुल ट्रैक की संख्या, री-टेक्स और रिकॉर्डिंग के समय को गुणा किया जाता है। यदि आप 48 kHz और 24-बिट पर 24 ट्रैक्स का एक घंटे का सेशन रिकॉर्ड करते हैं, तो केवल एक टेक का रॉ डेटा लगभग 12.4 GB जगह लेगा। फ़ाइनल मिक्स के लाउडनेस स्तर को संतुलित करने के लिए आप LUFS मीटर का उपयोग कर सकते हैं, लेकिन ट्रैकिंग चरण के लिए प्रोजेक्ट साइज़ से कम से कम दोगुना स्टोरेज रखना सुरक्षित रहता है।

पॉडकास्ट और वॉइस-ओवर रिकॉर्डिंग के लिए कौन सी ऑडियो सेटिंग्स सबसे सही हैं?

पॉडकास्ट और वॉइस-ओवर के लिए 48 kHz सैंपल रेट और 24-बिट डेप्थ के साथ मोनो चैनल सबसे आदर्श विकल्प माना जाता है। मोनो में आवाज़ रिकॉर्ड करने से स्टीरियो की तुलना में आधा स्टोरेज खर्च होता है। इस सेटिंग पर 60 मिनट का कच्चा मोनो इंटरव्यू लगभग 518 MB का होता है, जिससे कंप्यूटर पर एडिटिंग सुचारू रहती है और इंटरनेट पर अपलोड करना आसान होता है।

क्या FLAC फॉर्मेट में फ़ाइल साइज़ घटाने से ऑडियो क्वालिटी कम होती है?

नहीं, FLAC एक लॉसलेस कंप्रेस्ड फॉर्मेट है, जिसका अर्थ है कि यह ऑडियो डेटा को बिना किसी गुणवत्ता हानि के सुरक्षित रखता है। यह एक ZIP फ़ाइल की तरह काम करता है, जो प्लेबैक के समय मूल WAV फ़ाइल का सटीक डेटा पुनः तैयार कर देता है। FLAC फ़ाइल आमतौर पर अनकंप्रेस्ड WAV फ़ाइल की तुलना में 40 से 60 प्रतिशत तक स्टोरेज स्पेस बचाती है।

क्या म्यूज़िक प्रोडक्शन में 96 kHz या 192 kHz पर रिकॉर्डिंग करना आवश्यक है?

अधिकांश व्यावसायिक संगीत और वीडियो प्रोडक्शन के लिए 48 kHz और 24-बिट पूरी तरह पर्याप्त और मानक है। 96 kHz और 24-बिट स्टीरियो ऑडियो 4,608 kbps की दर से चलता है, जो प्रति मिनट लगभग 34.6 MB स्टोरेज लेता है। अत्यधिक हाई-रिज़ॉल्यूशन ऑडियो केवल साउंड डिज़ाइन और भारी पिच-शिफ्टिंग वाले विशेष कार्यों में उपयोगी होता है, सामान्य कार्यों में यह केवल स्टोरेज और सीपीयू लोड बढ़ाता है।