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यूपीसी-ए बारकोड जेनरेटर

अपने अमेरिकी और कनाडाई उत्पादों के लिए तुरंत UPC-A बारकोड बनाएँ। PNG या SVG में डाउनलोड करें और चेक डिजिट की गणना अपने आप होती है।

Mehmet Demiray (मेहमत देमिराय) प्रकाशित अपडेट किया गया
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सभी प्रकार के बारकोड बनाएंयदि आपको एक ही जगह पर EAN, UPC या Code 128 जैसे कई अलग-अलग फॉर्मेट बनाने हैं, तो हमारे इस मुख्य बारकोड टूल का उपयोग करें।
11 अंक दर्ज करें, 12वाँ चेक अंक अपने आप जुड़ जाएगा।
मॉड्यूल चौड़ाई गुणक, बड़े मानों से चौड़ा बारकोड बनता है।
बार की ऊंचाई (मिलीमीटर में)।
बारकोड के नीचे अंकों को पढ़ने योग्य टेक्स्ट के रूप में प्रिंट करें।

यूपीसी-ए बारकोड क्या है? एक परिचय

यूपीसी-ए (यूनिवर्सल प्रोडक्ट कोड) एक 12-अंकीय बारकोड है जिसका उपयोग मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में खुदरा उत्पादों की पहचान के लिए किया जाता है। यदि आप भारत से इन देशों में कोई उत्पाद बेचना चाहते हैं, तो आपको इस बारकोड की आवश्यकता होगी। यह वही बारकोड है जो आप सुपरमार्केट में लगभग हर उत्पाद पर देखते हैं।

एक यूपीसी-ए बारकोड में 12 अंक होते हैं, जिन्हें चार भागों में विभाजित किया गया है: 1. नंबर सिस्टम कैरेक्टर (1 अंक): यह बताता है कि उत्पाद किस प्रकार का है। उदाहरण के लिए, 0 या 1 मानक यूपीसी कोड के लिए हैं। 2. निर्माता कोड (5 अंक): यह एक अद्वितीय कोड है जो उत्पाद बनाने वाली कंपनी की पहचान करता है। यह कोड GS1 नामक एक वैश्विक संगठन द्वारा आवंटित किया जाता है। 3. उत्पाद कोड (5 अंक): यह निर्माता द्वारा अपने विशिष्ट उत्पाद को दिया गया कोड है। उदाहरण के लिए, एक ही कंपनी के अलग-अलग आकार के शैम्पू के लिए अलग-अलग उत्पाद कोड होंगे। 4. जाँच अंक (1 अंक): यह अंतिम अंक एक गणितीय गणना का परिणाम है, जो यह सुनिश्चित करता है कि बारकोड सही ढंग से स्कैन हुआ है। हमारा यूपीसी-ए बारकोड जेनरेटर स्वचालित रूप से आपके लिए इस जाँच अंक की गणना करता है।

यह उपकरण आपको अपने 11 अंकों (निर्माता और उत्पाद कोड) को दर्ज करने की अनुमति देता है और तुरंत एक प्रिंट करने योग्य, स्कैन करने योग्य बारकोड छवि बनाता है। यह उन भारतीय व्यवसायों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है जो अमेज़न यूएसए (Amazon USA) जैसे प्लेटफॉर्म पर बिक्री कर रहे हैं या उत्तरी अमेरिकी बाजार में अपने उत्पादों का निर्यात कर रहे हैं।

यूपीसी-ए और ईएएन-13 बारकोड में क्या अंतर है?

जब आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पाद बेचते हैं, तो आप यूपीसी-ए और ईएएन-13 दोनों बारकोड के बारे में सुनेंगे। इन दोनों के बीच के संबंध को समझना महत्वपूर्ण है। यूपीसी-ए उत्तरी अमेरिका (यू.एस. और कनाडा) में मानक है, जबकि ईएएन-13 (यूरोपियन आर्टिकल नंबर) बाकी दुनिया में, जिसमें भारत और यूरोप भी शामिल हैं, अधिक प्रचलित है।

मुख्य अंतर उनकी लंबाई में है: यूपीसी-ए में 12 अंक होते हैं, जबकि ईएएन-13 में 13 अंक होते हैं। हालांकि, तकनीकी रूप से यूपीसी-ए, ईएएन-13 का एक सबसेट है। एक यूपीसी-ए कोड को उसके आगे एक 0 लगाकर आसानी से ईएएन-13 कोड में बदला जा सकता है। उदाहरण के लिए, यदि आपका यूपीसी-ए कोड 123456789012 है, तो इसका संगत ईएएन-13 कोड 0123456789012 होगा।

इस संबंध के कारण, लगभग सभी आधुनिक बारकोड स्कैनर, जिनमें भारत में उपयोग किए जाने वाले स्कैनर भी शामिल हैं, दोनों प्रकार के कोड को पढ़ सकते हैं। यदि कोई स्कैनर ईएएन-13 पढ़ सकता है, तो वह यूपीसी-ए को भी बिना किसी समस्या के स्कैन कर लेगा। यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को सरल बनाता है।

यदि आप मुख्य रूप से यू.एस. और कनाडा में बेच रहे हैं, तो यूपीसी-ए का उपयोग करना सबसे अच्छा है। यदि आपका बाजार वैश्विक है, तो आप ईएएन-13 बारकोड का उपयोग करने पर विचार कर सकते हैं। हमारा यूपीसी-ए बारकोड जेनरेटर विशेष रूप से उत्तरी अमेरिकी बाजार के लिए सही प्रारूप बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो अमेज़न जैसे मार्केटप्लेस की आवश्यकताओं को पूरा करता है।

अपने उत्पादों के लिए आधिकारिक यूपीसी कोड कैसे प्राप्त करें?

सिर्फ एक बारकोड छवि बनाना ही काफी नहीं है; आपको एक अद्वितीय और आधिकारिक नंबर की आवश्यकता होती है जो आपके उत्पाद और कंपनी से जुड़ा हो। यह सुनिश्चित करता है कि दुनिया में कोई और आपके उत्पाद के लिए उसी नंबर का उपयोग न करे। इन आधिकारिक कोड को प्राप्त करने का एकमात्र सही तरीका GS1 (Global Standards 1) नामक संगठन के माध्यम से है।

यदि आप उत्तरी अमेरिका में उत्पाद बेच रहे हैं, तो आपको GS1 US से संपर्क करना होगा। वे आपको एक अद्वितीय 'निर्माता कोड' आवंटित करेंगे। यह कोड आपके द्वारा बेचे जाने वाले सभी उत्पादों के लिए समान रहेगा। फिर आप अपने प्रत्येक उत्पाद के लिए एक अद्वितीय 'उत्पाद कोड' निर्दिष्ट कर सकते हैं।

सस्ते पुनर्विक्रेताओं (Resellers) से सावधान रहें: इंटरनेट पर कई वेबसाइटें बहुत कम कीमत पर यूपीसी कोड बेचने का दावा करती हैं। ये कोड अक्सर उन कंपनियों के पुराने कोड होते हैं जो अब व्यवसाय में नहीं हैं। अमेज़न और वॉलमार्ट जैसे प्रमुख खुदरा विक्रेता अब यह सत्यापित करते हैं कि यूपीसी कोड GS1 डेटाबेस में विक्रेता की कंपनी के नाम पर पंजीकृत है या नहीं। यदि यह मेल नहीं खाता है, तो आपकी उत्पाद सूची को हटाया जा सकता है। इसलिए, शुरुआत में कुछ पैसे बचाने के लिए पुनर्विक्रेता से कोड खरीदना लंबे समय में महंगा पड़ सकता है। हमेशा सीधे GS1 से अपने कोड खरीदें।

एक बार जब आपके पास अपना GS1-पंजीकृत नंबर हो, तो आप हमारे यूपीसी-ए बारकोड जेनरेटर का उपयोग करके आसानी से उच्च-गुणवत्ता वाली बारकोड छवियां बना सकते हैं। यदि आपको बड़ी संख्या में कोड बनाने की आवश्यकता है, तो हमारा बल्क यूपीसी-ए बारकोड जेनरेटर आपके काम को और भी आसान बना सकता है।

सही स्कैनिंग के लिए बारकोड कैसे प्रिंट और प्लेस करें

एक बार जब आप हमारे यूपीसी-ए बारकोड जेनरेटर का उपयोग करके अपनी बारकोड छवि बना लेते हैं, तो अगला महत्वपूर्ण कदम इसे सही ढंग से प्रिंट करना और अपने उत्पाद की पैकेजिंग पर लगाना है। यदि बारकोड ठीक से स्कैन नहीं होता है, तो खुदरा विक्रेता आपके उत्पाद को अस्वीकार कर सकते हैं।

आकार और स्पष्टता: मानक आकार (100%): एक मानक यूपीसी-ए बारकोड का आकार लगभग 37.29 मि॰मी॰ चौड़ा और 25.93 मि॰मी॰ ऊंचा होता है। आकार सीमा: आप इसे मानक आकार के 80% तक छोटा या 200% तक बड़ा कर सकते हैं। 80% से छोटा करने पर स्कैनर को इसे पढ़ने में कठिनाई हो सकती है। शांत क्षेत्र (Quiet Zone): बारकोड की काली पट्टियों के दोनों ओर खाली जगह छोड़ना बहुत महत्वपूर्ण है। इसे 'शांत क्षेत्र' कहा जाता है। यह स्कैनर को यह समझने में मदद करता है कि बारकोड कहाँ से शुरू और खत्म हो रहा है। बाईं ओर कम से कम 3.63 मि॰मी॰ और दाईं ओर 2.31 मि॰मी॰ का मार्जिन रखें। रंग: सबसे अच्छा कंट्रास्ट काली पट्टियों और सफेद पृष्ठभूमि के बीच होता है। लाल, नारंगी, या भूरे रंग की पट्टियों से बचें, क्योंकि स्कैनर की लाल बत्ती उन्हें ठीक से नहीं पढ़ पाती है।

प्लेसमेंट (Placement): बारकोड को उत्पाद की पैकेजिंग पर एक सपाट सतह पर रखें। इसे कोनों, किनारों या सीम पर रखने से बचें, क्योंकि इससे यह विकृत हो सकता है। आमतौर पर, इसे उत्पाद के पीछे या नीचे के दाहिने हिस्से में रखा जाता है। यह सुनिश्चित करें कि कोई भी अन्य टेक्स्ट या ग्राफिक्स बारकोड को न ढकें। इन दिशानिर्देशों का पालन करने से यह सुनिश्चित होगा कि आपका उत्पाद स्टोर के चेकआउट काउंटर पर आसानी से स्कैन हो जाएगा।

यूपीसी-ए चेक डिजिट की गणना कैसे की जाती है?

यूपीसी-ए बारकोड का 12वां और अंतिम अंक 'चेक डिजिट' या 'जाँच अंक' कहलाता है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बारकोड को सही तरीके से पढ़ा गया है और डेटा एंट्री में कोई त्रुटि नहीं हुई है। हमारा यूपीसी-ए बारकोड जेनरेटर इस अंक की गणना स्वचालित रूप से करता है, लेकिन यह समझना दिलचस्प है कि यह कैसे काम करता है।

गणना एक विशिष्ट मॉडलो-10 एल्गोरिथ्म का उपयोग करके की जाती है। यहाँ इसके चरण दिए गए हैं: 1. पहले 11 अंकों को बाएं से दाएं लें। 2. विषम स्थानों (1, 3, 5, 7, 9, 11) पर मौजूद सभी अंकों को जोड़ें। 3. इस योग को 3 से गुणा करें। 4. सम स्थानों (2, 4, 6, 8, 10) पर मौजूद सभी अंकों को जोड़ें (चेक डिजिट को छोड़कर)। 5. चरण 3 और चरण 4 के परिणामों को एक साथ जोड़ें। 6. इस कुल योग का निकटतम अगला 10 का गुणज (multiple of 10) ज्ञात करें। 7. इस 10 के गुणज से कुल योग को घटाएं। परिणाम ही आपका चेक डिजिट है। यदि परिणाम 10 है, तो चेक डिजिट 0 होता है।

गणितीय सूत्र इस प्रकार है, जहाँ dd अंक है: c=(10(3dविषम+dसम)mod10)mod10c = (10 - (3 \sum d_{\text{विषम}} + \sum d_{\text{सम}}) \bmod 10) \bmod 10

उदाहरण के लिए, यदि पहले 11 अंक 03600029145 हैं, तो गणना इस प्रकार होगी: विषम स्थानों का योग: 0+6+0+2+1+5=140+6+0+2+1+5 = 14. इसे 3 से गुणा करें: 14×3=4214 \times 3 = 42. सम स्थानों का योग: 3+0+0+9+4=163+0+0+9+4 = 16. कुल योग: 42+16=5842 + 16 = 58. निकटतम अगला 10 का गुणज 60 है। * चेक डिजिट: 6058=260 - 58 = 2.

इसलिए, पूरा यूपीसी-ए कोड 036000291452 होगा। यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि यदि स्कैनिंग के दौरान एक भी अंक गलत पढ़ा जाता है, तो गणना विफल हो जाएगी और त्रुटि का पता चल जाएगा। यह बारकोड सिस्टम की विश्वसनीयता का एक मुख्य हिस्सा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न।

यूपीसी-ए बारकोड बनाने के लिए मुझे कितने अंक डालने होंगे?

आपको अपने उत्पाद के लिए मिले 11 अंक डालने होंगे। हमारा यूपीसी-ए बारकोड जेनरेटर 12वें अंक, जिसे 'चेक डिजिट' कहते हैं, की गणना अपने आप कर लेता है ताकि बारकोड सही और स्कैन करने योग्य बने। अगर आप पूरे 12 अंक डालते हैं, तो टूल यह जाँचेगा कि आपका चेक डिजिट सही है या नहीं।

क्या यूपीसी-ए (UPC-A) और ईएएन-13 (EAN-13) बारकोड एक ही हैं?

ये दोनों बहुत मिलते-जुलते हैं, पर एक नहीं हैं। यूपीसी-ए मुख्य रूप से अमेरिका और कनाडा में इस्तेमाल होता है और इसमें 12 अंक होते हैं। वहीं, ईएएन-13 यूरोप और अन्य देशों में ज़्यादा प्रचलित है और इसमें 13 अंक होते हैं। तकनीकी रूप से, हर यूपीसी-ए कोड को उसके आगे 0 लगाकर एक ईएएन-13 बारकोड में बदला जा सकता है, इसलिए ज़्यादातर नए स्कैनर दोनों को पढ़ सकते हैं।

क्या Amazon जैसे ऑनलाइन स्टोर पर बेचने के लिए GS1 से खरीदे गए UPC कोड ही ज़रूरी हैं?

हाँ, Amazon, Walmart, और अन्य बड़े बाज़ारों पर बेचने के लिए यह बहुत ज़रूरी है कि आप सीधे GS1 से ही UPC कोड खरीदें। GS1 एक वैश्विक संस्था है जो यह सुनिश्चित करती है कि हर बारकोड अनोखा हो। सस्ते या दूसरे विक्रेताओं से खरीदे गए कोड अमान्य हो सकते हैं या किसी और के उत्पाद से जुड़े हो सकते हैं, जिससे आपकी प्रोडक्ट लिस्टिंग रद्द हो सकती है।

क्या मैं इस टूल से बनाए गए बारकोड को सीधे अपने प्रोडक्ट की पैकेजिंग पर छाप सकता हूँ?

हाँ, बिल्कुल। आप यहाँ से बारकोड को एक उच्च-गुणवत्ता वाली PNG या SVG फ़ाइल के रूप में डाउनलोड कर सकते हैं, जो प्रिंटिंग के लिए एकदम सही है। यह ज़रूर ध्यान रखें कि बारकोड का आकार और प्रिंट की गुणवत्ता मानकों के अनुसार हो ताकि वह स्टोर के स्कैनर पर आसानी से पढ़ा जा सके।

यूपीसी-ए बारकोड में पहला अंक (नंबर सिस्टम) क्या बताता है?

पहला अंक उत्पाद की श्रेणी को दर्शाता है। उदाहरण के लिए, 0, 1, 6, 7, और 8 सामान्य खुदरा उत्पादों के लिए होते हैं। अंक 2 उन वस्तुओं के लिए होता है जिनका वज़न बदलता रहता है, जैसे सब्ज़ी या मांस। अंक 3 दवाओं के लिए, 4 स्टोर के आंतरिक उपयोग के लिए और 5 कूपन के लिए आरक्षित होता है।

मुझे एक साथ बहुत सारे उत्पादों के लिए बारकोड बनाने हैं, क्या इसका कोई तरीका है?

यह टूल एक बार में एक ही बारकोड बनाने के लिए है। अगर आपको एक साथ कई सारे बारकोड बनाने की ज़रूरत है, तो आप हमारे बल्क यूपीसी-ए बारकोड जेनरेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे आपका समय बचेगा और काम भी जल्दी होगा।

यह जेनरेटर 'चेक डिजिट' की गणना कैसे करता है?

यह टूल मानक मॉड्यूलो-10 एल्गोरिथ्म का उपयोग करके चेक डिजिट की गणना करता है। यह पहले, तीसरे, पाँचवें जैसे विषम स्थानों के अंकों को 3 से गुणा करता है, फिर उसमें दूसरे, चौथे जैसे सम स्थानों के अंक जोड़ता है। कुल योग को 10 से विभाजित करने पर जो शेष बचता है, उसे 10 से घटाकर चेक डिजिट निकाला जाता है।