QR कोड कैसे काम करते हैं
QR कोड जनरेटर का उपयोग करके आप किसी भी टेक्स्ट या लिंक को एक चौकोर ग्रिड में बदल सकते हैं जिसे मशीन आसानी से पढ़ सकती है। इस ग्रिड के तीन कोनों पर बड़े वर्गाकार निशान होते हैं जिन्हें फाइंडर पैटर्न कहा जाता है। ये निशान स्कैनर को कोड की दिशा और सही आकार पहचानने में मदद करते हैं। डेटा को छोटे काले और सफेद वर्गों के रूप में स्टोर किया जाता है जिन्हें मॉड्यूल कहते हैं। आपके पास जितना अधिक डेटा होगा, यह ग्रिड उतना ही बड़ा होता जाएगा। यह आकार वर्जन 1 से लेकर वर्जन 40 तक बढ़ सकता है। आप अपने ग्राहकों के लिए वेबसाइट लिंक के लिए QR कोड बना सकते हैं जो उन्हें सीधे आपके वेब पेज पर ले जाता है। स्कैनर इन काले और सफेद वर्गों को बाइनरी डेटा में बदलता है और छिपी हुई जानकारी को तुरंत स्क्रीन पर दिखा देता है।