IBAN क्या है?
IBAN (इंटरनेशनल बैंक अकाउंट नंबर) अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बैंक खातों की पहचान करने का एक मानकीकृत तरीका है। इसका मुख्य उद्देश्य सीमा पार लेनदेन को सुरक्षित, तेज और सटीक बनाना है। एक मानक IBAN में अधिकतम 34 अक्षर और अंक हो सकते हैं। इसकी संरचना काफी व्यवस्थित होती है। इसमें सबसे पहले दो अक्षरों का देश कोड होता है, उसके बाद दो जांच अंक (चेक डिजिट) होते हैं, और अंत में बेसिक बैंक अकाउंट नंबर (BBAN) शामिल होता है। BBAN के भीतर बैंक का कोड, शाखा का कोड और व्यक्ति का खाता नंबर छिपा होता है। हर देश के लिए इसकी कुल लंबाई अलग-अलग निर्धारित होती है। उदाहरण के लिए, यूनाइटेड किंगडम में यह 22 वर्णों का होता है, जबकि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में इसकी लंबाई 23 होती है। भारत में घरेलू लेनदेन के लिए IFSC कोड का उपयोग होता है, लेकिन जब आप विदेश (जैसे यूरोप या खाड़ी देशों) में पैसे भेजते हैं, तो आपको प्राप्तकर्ता के IBAN की आवश्यकता होती है। सही जानकारी सुनिश्चित करने के लिए IBAN वैलिडेटर का उपयोग करना एक सुरक्षित कदम है। यह टूल आपको किसी भी मानवीय त्रुटि से बचाता है।